हमारे छोटी चिडिया जाने के बाद और भी कई चिडियों ने घोसला बनाये, और बच्चोंको भी बड़ा किया, लेकिन हम उनकी तरफ़ उतना ध्यान नही दिया। आख़िर हम भी अपने अपने बच्चों को बहार भेजने की तैय्यारी में लगे हुवे है। बच्चों के जाने के बाद घोसला कितना खाली हो जाता है !!!! ऐसे में अपने माँ बाप की त्याग याद आता है। शायद ऐसे ही हुम्नेभी किया हो। मेरे जनक हमे माफ़ करना.
हमारे घर में चिदियोंको शयद ज्यादा पसंद अनेलगा । क्योंना हो , जितनी सुरखा वोह चाहते है वह हमारे फ्लाट्स में मिलता है । आखिर सारे माँ बाप अपने बच्चों को सबसे ज्यादा सुरक्षा देना चाहते है । मेरा प्यारा छोटा चिडिया जाने के बाद , छोटे छोटे चिडियां और भी आई , लेकिन हम उतना इंटेरेस्ट नही लिया । हमभी हमारे बच्चों को बहार जाने की तैय्यारी में जो है । क्या आप भी येही कर रहे है ?
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