हमारे छोटी चिडिया जाने के बाद और भी कई चिडियों ने घोसला बनाये, और बच्चोंको भी बड़ा किया, लेकिन हम उनकी तरफ़ उतना ध्यान नही दिया। आख़िर हम भी अपने अपने बच्चों को बहार भेजने की तैय्यारी में लगे हुवे है। बच्चों के जाने के बाद घोसला कितना खाली हो जाता है !!!! ऐसे में अपने माँ बाप की त्याग याद आता है। शायद ऐसे ही हुम्नेभी किया हो। मेरे जनक हमे माफ़ करना.

Comments

Popular posts from this blog

SPARROW IN MY HOME